युवा वयस्कों में चिंता प्रबंधन पर संज्ञानात्मक व्यवहारात्मक थेरेपी (CBT) का प्रभाव

Authors

  • डाॅ राम नंदन प्रसाद सिंह मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष, आर०सी०एस काॅलेज मंझौल बेगूसराय ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय कामेश्वर नगर ‌दरभंगा (बिहार)

DOI:

https://doi.org/10.53032/tvcr/2019.v1n1.01

Keywords:

युवा वयस्क, चिंता, मानसिक स्वास्थ्य, CBT, तनाव प्रबंधन, डिजिटल CBT

Abstract

युवा वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं में चिंता एक गंभीर और बढ़ती हुई चुनौती बन चुकी है। शिक्षा, करियर, पारिवारिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं के कारण युवा बार-बार मानसिक तनाव और चिंता का अनुभव करते हैं, जो उनके जीवन की गुणवत्ता, सामाजिक संबंधों और व्यक्तिगत विकास को प्रभावित करता है। संज्ञानात्मक व्यवहारात्मक थेरेपी (CBT) एक वैज्ञानिक और प्रभावी मनोवैज्ञानिक उपचार पद्धति है, जो नकारात्मक विचारों और व्यवहारों की पहचान करके उन्हें सकारात्मक ढंग से बदलने में मदद करती है। यह थेरेपी व्यक्ति को आत्म-जागरूकता, तनाव प्रबंधन और मानसिक लचीलापन विकसित करने की क्षमता देती है। इस अध्ययन में यह बताया गया है कि CBT का उपयोग युवा वयस्कों में चिंता के स्तर को कम करने, आत्म-विश्वास बढ़ाने और सामाजिक एवं शैक्षणिक प्रदर्शन सुधारने में सहायक है। इसके अतिरिक्त योग, ध्यान, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली जैसे सहायक उपाय CBT के प्रभाव को और मजबूत बनाते हैं। शोध में यह निष्कर्ष निकला कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से CBT को और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है, जिससे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना संभव है।

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Published

2019-01-31

How to Cite

डाॅ राम नंदन प्रसाद सिंह. (2019). युवा वयस्कों में चिंता प्रबंधन पर संज्ञानात्मक व्यवहारात्मक थेरेपी (CBT) का प्रभाव. The Voice of Creative Research, 1(1), 1–9. https://doi.org/10.53032/tvcr/2019.v1n1.01

Issue

Section

Research Article