भारतीय ज्ञान परंपरा: विज्ञान और वेदांत का संवाद

Authors

  • डॉ. कुबेर सिंह गुरुपंच प्राध्यापक भूगोल शा. दिग्विजय स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय राजनांदगांव (छ.ग.)

Keywords:

भारतीय ज्ञान परंपरा, वेदांत, अद्वैत, आधुनिक विज्ञान, क्वांटम भौतिकी, चेतना, ब्रह्मांड विज्ञान।

Abstract

यह शोध पत्र भारतीय ज्ञान परंपरा के दो महत्वपूर्ण स्तंभों—आधुनिक विज्ञान और प्राचीन वेदांत—के मध्य अंतर्संबंधों का विश्लेषण करता है। जहाँ आधुनिक विज्ञान पदार्थ (Matter) और बाहरी जगत के रहस्यों को सुलझाने का प्रयास करता है, वहीं वेदांत चेतना (Consciousness) और आंतरिक सत्य की खोज करता है। यह पत्र स्पष्ट करता है कि कैसे क्वांटम भौतिकी और ब्रह्मांड विज्ञान के आधुनिक सिद्धांत, उपनिषदों और वेदांत के 'अद्वैत' दर्शन के करीब पहुंच रहे हैं। निष्कर्षतः, यह अध्ययन प्रतिपादित करता है कि विज्ञान और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

References

स्वामी विवेकानंद – 'ज्ञान योग' और 'राज योग'।

एर्गिन श्रोडिंगर – 'What is Life?'

फ्रिट्जॉफ काप्रा – 'द ताओ ऑफ फिजिक्स' (The Tao of Physics)।

आदि शंकराचार्य – 'विवेकचूड़ामणि'।

डॉ. एस. राधाकृष्णन – 'भारतीय दर्शन'।

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Published

2026-02-18

How to Cite

डॉ. कुबेर सिंह गुरुपंच. (2026). भारतीय ज्ञान परंपरा: विज्ञान और वेदांत का संवाद. The Voice of Creative Research, 8(1), 64–67. Retrieved from https://thevoiceofcreativeresearch.com/index.php/vcr/article/view/229

Issue

Section

Research Article