नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में भारतीय उच्च शिक्षा में मनोवैज्ञानिक कल्याण: एक समीक्षात्मक अध्ययन

Authors

  • ब्रम्हदेव बिन्द (शोधार्थी ) कॉलेज - महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, हरदोई सम्बद्ध - लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
  • डॉ. तारकेश्वर गुप्ता (शोध पर्यवेक्षक) बी. एड विभाग, महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, हरदोई सम्बद्ध - लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ

Keywords:

नई शिक्षा नीति 2020, उच्च शिक्षा, मनोवैज्ञानिक कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य, छात्र-केंद्रित शिक्षा, भारत

Abstract

भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली आज तेजी से बदलते सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हालांकि, इस प्रणाली में छात्रों को सामना करना पड़ रहा है विभिन्न चुनौतियों का, जैसे कि तीव्र प्रतिस्पर्धा, रोजगार की अनिश्चितता, शैक्षणिक दबाव और सामाजिक अलगाव। ये कारक छात्रों के मनोवैज्ञानिक कल्याण पर गहरा प्रभाव डालते हैं, जिससे अवसाद, चिंता और तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट्स के अनुसार, युवा वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं वैश्विक स्तर पर एक महामारी का रूप ले चुकी हैं, और भारत में उच्च शिक्षा छात्रों में यह समस्या विशेष रूप से गंभीर है। इसी संदर्भ में, भारत सरकार ने 2020 में नई शिक्षा नीति (NEP 2020) लागू की, जो शिक्षा को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रखकर समग्र विकास पर केंद्रित है। नीति में छात्र-केंद्रित शिक्षा, बहुविषयक दृष्टिकोण, लचीले पाठ्यक्रम, परामर्श सेवाओं और समावेशी वातावरण पर जोर दिया गया है, जो मनोवैज्ञानिक कल्याण को मजबूत करने के उद्देश्य से हैं। यह समीक्षात्मक अध्ययन NEP 2020 के प्रावधानों के आधार पर भारतीय उच्च शिक्षा में मनोवैज्ञानिक कल्याण की स्थिति का विश्लेषण करता है। अध्ययन के लिए 2010 से 2023 तक प्रकाशित 25 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों, नीति दस्तावेजों और सर्वेक्षण रिपोर्टों की व्यवस्थित समीक्षा की गई है। डेटा स्रोतों में Google Scholar, JSTOR, PubMed और ERIC जैसे डेटाबेस शामिल हैं। निष्कर्ष दर्शाते हैं कि NEP 2020 ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाई है, जैसे कि काउंसलिंग सेंटरों की स्थापना और होलिस्टिक डेवलपमेंट पर फोकस। हालांकि, क्रियान्वयन की चुनौतियां जैसे संसाधनों की कमी, प्रशिक्षित स्टाफ की अनुपलब्धता और ग्रामीण-शहरी असमानता बनी हुई हैं। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, शिक्षकों और संस्थानों के लिए सिफारिशें प्रस्तुत करता है, जैसे कि मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाना और छात्रों के लिए जीवन कौशल कार्यक्रमों को बढ़ावा देना। कुल मिलाकर, NEP 2020 एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके प्रभावी अमल से ही मनोवैज्ञानिक कल्याण में वास्तविक सुधार संभव है।

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Published

2026-01-31

How to Cite

ब्रम्हदेव बिन्द, & डॉ. तारकेश्वर गुप्ता. (2026). नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में भारतीय उच्च शिक्षा में मनोवैज्ञानिक कल्याण: एक समीक्षात्मक अध्ययन. The Voice of Creative Research, 8(1), 29–37. Retrieved from https://thevoiceofcreativeresearch.com/index.php/vcr/article/view/225

Issue

Section

Research Article